Published on: Tuesday August, 3rd 2021

कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने मुझसे फ़रमाया: क्या मैं तुम्हें, तुम्हारे मस्जिद से निकलने से पहले- पहले क़ुरआन की महानतम सूरा न सिखाऊँ? आपने मेरा हाथ पकड़ लिया। जब हम मस्जिद से निकलने लगे, तो मैंने कहा: ऐ अल्लाह के रसूल! आपने कहा था कि आप हमें क़ुरआन की महानतम सूरा सिखाएँगे? तो फ़रमाया: यह सूरा है: अल- हमदु लिल्लाहि रब्बिल- आलमीन, यह सब-अल-मसानी (बार- बार दोहराई जाने वाली सात आयतें) और महान क़ुरआन का सार है, जो मुझे दिया गया है।

عن أبي جُحَيْفَة -رضي الله عنه- قال: كنتُ عند النبي ﷺ فقال لرجل عنده: «لا آكُلُ وأنا مُتَّكِئ». رواه البخاري

Other languages

English Turkish Russian Chinese

Other hadith

read quran
10940595
10673
Friday July, 16th 2021
No envy except in two (cases)
11392529
10374
Friday July, 16th 2021
The believer
10976092
10421
Friday July, 16th 2021

Why Islam

is the fastest growing religion in the world?!

Popular cards