आदमी उसी के साध होगा, जिससे वह मोहब्बत करता है। अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि एक आदमी अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आया और कहने लगाः ऐ अल्लाह के रसूल, आप उस व्यक्ति के बारे में क्या कहते हैं, जो कुछ लोगों से मोहब्बत करता है, लेकिन उन लोगों तक पहुँच नहीं पाता? तो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "आदमी उसी के साध होगा, जिससे वह मोहब्बत करता है।
« المَرْءُ مَعَ مَنْ أَحَبَّ » (البخاري)
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